नमस्कार दोस्तों,
आज 23 मार्च है। भारत के इतिहास का वो काला दिन जब अंग्रेजी हुकूमत ने हमारे देश के तीन वीर सपूतों - भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी थी। आज के दिन पूरा देश 'शहीद दिवस' (Shaheed Diwas) ke रूप मै मनाया जाता है | एक भारती होने के नाती हमको इनके बारे मै और इनके वीरता के बारे मै जाना जरूरी है क्योंकि हर बच्चे को पता चलना चाहिए भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु हमारे देश के लिए क्या क्या किए है राधे राधे दोस्तो आज हम इसी टॉपिक के बारे मै बात करेंगे इससे जितने भी आपका क्वेश्चन होगा सब कुछ आपको बताया जाएगा!
एक भारतीय होने के नाते उनके बलिदान को जानना हमारा कर्तव्य है, लेकिन साथ ही साथ, अगर आप SSC GD, RRB NTPC या State Exams की तैयारी कर रहे हैं, तो इनके आंदोलन और भगत सिंह के द्वारा लिखा हुआ बुक जिसे जेल मै लिखा गया था जिससे से जुड़े सवाल अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं।
आज के इस विशेष ब्लॉग में, मैं आपके साथ भगत सिंह और उनके साथियों से जुड़े उन Important Facts को शेयर कर रहा हूँ, जो सीधे तौर पर Ssc,Rrb,एग्जाम्स का हिस्सा बनते हैं। आप सभी भारत के नागरिक को इनके बारे जाना चलिए, जानते हैं उन ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में जिन्होंने देश की आज़ादी की नींव रखी।"
प्रश्न 1. भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फांसी कब और कैसे हुई?- भगत सिंह किसी की जान लेना मकसद नहीं था: बम खाली बेंचों पर फेंके गए थे। वे किसी को मारना नहीं चाहते थे, बल्कि सोती हुई अंग्रेज सरकार को जगाना चाहते थे।
- द बहरे को सुनाने के लिए (To Make the Deaf Hear): उन्होंने वहां पर्चे फेंके जिन पर लिखा था कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत होती है।"
- काले कानूनों का विरोध: अंग्रेज सरकार दो दमनकारी बिल ला रही थी— 'पब्लिक सेफ्टी बिल' (Public Safety Bill) और 'ट्रेड डिस्प्यूट बिल' (Trade Dispute Bill)। ये बिल भारतीयों के अधिकारों को छीनने के लिए थे।
- गिरफ्तारी देना: बम फेंकने के बाद भगत सिंह भागे नहीं बल्कि वही पर इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाने लगे ताकि अदालत का इस्तेमाल अपनी विचारधारा को पूरे देश तक पहुँचाने के लिए कर सकें।
(Note: एग्जाम में पूछा जाता है कि भगत सिंह के साथ बम फेंकने वाले दूसरे क्रांतिकारी कौन थे? उत्तर: बटुकेश्वर दत्त)।
प्रश्न 3: भगत सिंह की प्रसिद्ध पुस्तक 'मैं नास्तिक क्यों हूँ' (Why I am an Atheist) के पीछे का क्या कारण था?
उत्तर: जेल में रहते हुए भगत सिंह ने एक बहुत ही प्रभावशाली लेख लिखा था जिसका शीर्षक था— "मैं नास्तिक क्यों हूँ?" (Why I am an Atheist)। यह आज भी दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- लेख का कारण: जेल में एक धार्मिक कैदी ने भगत सिंह को उनके अहंकार (Pride) के कारण नास्तिक कहा था। इसका जवाब देने के लिए उन्होंने यह तार्किक लेख लिखा।
- तर्क और बुद्धि: भगत सिंह का मानना था कि किसी भी बात को सिर्फ इसलिए नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह पुरानी है या किसी धर्मग्रंथ में लिखी है। हर चीज़ को तर्क (Logic) और विज्ञान की कसौटी पर कसना चाहिए।
- क्रांतिकारी विचार: उन्होंने लिखा कि एक क्रांतिकारी के लिए स्वतंत्र चिंतन (Independent Thinking) और आलोचना (Criticism) सबसे ज़रूरी गुण हैं।
🎯 Top 3 Exams Questions (MCQ)
देखते हैं आपको भगत सिंह के बारे में कितना पता है!
Q1. "नौजवान भारत सभा" की स्थापना भगत सिंह ने किस वर्ष की थी?
Q2. दिल्ली असेंबली बम कांड में भगत सिंह के साथ और कौन शामिल था?
Q3. भगत सिंह को फांसी किस जेल में दी गई थी?

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